वायु सेना ने बंगाल में बाढ़ में फंसे लोगों को बचाया

कोलकाता, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर सोमवार को खानकुल के विभिन्न गांवों में महिलाओं और बच्चों सहित बाढ़ में फंसे 31 लोगों को बचाया।

हुगली जिले के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार की रात, रूपनारायण और गंधेश्वरी के पानी के तटबंधों में बड़ी दरारों के माध्यम से गांवों में प्रवेश करने के बाद, धन्यागरी, माझीपारा, समनातापारा, मन्नापारा, सौपारा सहित खानकुल ब्लॉक-2 के तहत कई गांव जलमग्न हो गए।

निचले इलाकों में स्थित घर पूरी तरह से बह गए और लोगों को या तो तटबंधों पर या फिर दो मंजिला इमारतों की छत पर शरण लेनी पड़ी।

उन्हें पूरी रात बिना भोजन और पानी के आसमान के नीचे रहना पड़ा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, एनडीआरएफ की टीम को रविवार सुबह बचाव के लिए लगाया गया था, लेकिन तेज धारा के कारण वह पहुंचने में विफल रही। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन से बात करते हुए भारतीय वायु सेना से बचाव अभियान में उनकी सहायता करने को कहा।

उन्होंने कहा, रविवार शाम को दो हेलीकाप्टरों को आरामबाग भेजा गया, लेकिन कम रोशनी के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सोमवार सुबह से बचाव अभियान शुरू किया और धन्यागुरी क्षेत्र के तटबंधों पर रहने वाले 31 लोगों को बचा लिया गया। इनमें एक नौ महीने का बच्चा भी शामिल है। उन्हें एयर लिफ्ट कर आरामबाग में बाढ़ राहत केंद्र लाया गया।

अधिकारी ने कहा, हमें स्थिति के बारे में तब पता चला जब पानी में फंसे कुछ स्थानीय निवासियों ने कुछ वीडियो बनाए और हमें भेजे। एनडीआरएफ की टीम ने रविवार को कोशिश की, लेकिन असफल रही और फिर हमने उन्हें एयरलिफ्ट करने का फैसला किया। लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया और आवश्यक चिकित्सा टेस्ट करने के बाद उन्हें भोजन और दवा उपलब्ध कराया गया है।

हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि कई और लोग हैं, जो अभी भी पानी में फंसे हुए हैं और वायुसेना के हेलिकॉप्टर मंगलवार को फिर से अपना बचाव अभियान जारी रखेंगे।

अधिकारी ने आगे कहा, इस बीच, हमने सूखे भोजन के पैकेट और तिरपाल पहुंचा दिया है, ताकि वे रह सकें। उसी समय डीवीसी से पानी छोड़े जाने के कारण जल स्तर कम नहीं हो रहा है। स्वाभाविक रूप से हमें पानी कम होने तक इंतजार करना होगा और उसके बाद ही हम बचा सकते हैं और सभी लोगों को सुरक्षित घरों में ला सकते हैं।

–आईएएनएस

एकेके/एचके

You might also like

Comments are closed.