लश्कर का शीर्ष आतंकी ढेर, सेब व्यापारी पर किया था हमला (लीड-3)

नई दिल्ली, 11 सितम्बर (आईएएनएस)| जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अभियान में बुधवार को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक शीर्ष आतंकवादी को मार गिराया। यह आतंकी बीते सप्ताह सोपोर में सेब व्यापारी के परिवार पर हुए हमले के लिए यह जिम्मेदार था। हमले में एक तीन साल की बच्ची भी घायल हो गई थी। गोलीबारी के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए, लेकिन उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है। आतंकवादी आसिफ मकबूल भट्ट को पुलिस व सुरक्षा बलों के साथ सोपोर में सुबह करीब 9 बजे मार गिराया गया।

जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा, “जब हमने आज (बुधवार) भट्ट को घेरा तो उसने हम पर हमला किया। उसने हम पर ग्रेनेड फेंके। कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए, लेकिन अब वे खतरे से बाहर हैं। मुठभेड़ में आतंकवादी मारा गया है।”

सिंह ने कहा कि भट्ट वही आतंकवादी है, जिसने सोपोर सेब मंडी के प्रमुख फल उत्पादक और डांगेरपोरा इलाके के रहने वाले हाजी हमीदुल्लाह राथर के परिवार पर 8 सितंबर को हमला किया था।

उन्होंने कहा, “आतंकवादी ने राथर के परिवार के सदस्यों पर गोली चलाई थी, जिसमें एक लड़की सहित चार लोग घायल हो गए थे। लड़की की उम्र चार से सात साल के बीच है। लड़की अस्पताल में भर्ती है। परिवार के अन्य सदस्यों को भी वहां से निकाला गया था।”

लड़की, राथर की बेटी है।

डीजीपी ने कहा कि भट्ट व उसके सहयोगियों ने उसी दिन प्रवासी मजदूरों पर भी गोलियां चलाईं। मजदूर की पहचान शफी आलम के रूप में हुई है।

उन्होंने कहा, “घायल लड़के को श्रीनगर अस्पताल लाया गया है। मुझे बताया गया कि उसकी स्थिति ठीक है और उसे कभी भी डिस्चार्ज किया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि भट्ट, ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के जरिए पोस्टर छपवाने व लोगों को फल के व्यापार से दूर रहने के लिए धमकी देने, दुकानें नहीं खोलने व रोजाना की गतिविधियों से रोकने के लिए जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, “हम उनकी गतिविधियों को देख रहे थे। इस तरह की गतिविधियों में शामिल आठ लोगों को सोपोर पुलिस द्वारा कंप्यूटर व दूसरे उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया गया, वे इसका इस्तेमाल धमकी भरे पत्र को छापने व विभिन्न जगहों पर चिपकाने के लिए करते थे।”

डीजीपी ने कहा कि भट्ट व उसके दो अन्य आतंकी साथी सज्जाद व मुदस्सर इलाके में बीते एक महीने से सक्रिय थे और उन्होंने बहुत ज्यादा दहशत पैदा की थी।

उन्होंने कहा, “वे गांवों में घूमते थे, लोगों के पास जाते और उन्हें धमकी देते और उनसे रोजाना के कार्यो के लिए नहीं जाने के कहते.. इसलिए हम उन्हें ट्रैक कर रहे थे।”

डीजीपी ने कहा कि विशेष इनपुट पर पुलिस के साथ सुरक्षा बलों ने सोपोर कस्बे के पास कुछ नाका लगाए। उन्होंने कहा कि भट्ट के आने पर उसे रोकने की चुनौती दी गई।

उन्होंने कहा, “भट्ट रुका नहीं और उसने हमारी पार्टी पर ग्रेनेड फेंका, जिसमें हमारे पुलिस के दो लोग घायल हो गए, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। बाद में उसे मुठभेड़ में मार गिराया गया।”

सोपोर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जावेद इकबाल ने कहा कि इन आतंकियों ने स्थानीय लोगों को व्यापार, यात्रा, स्कूलों या कार्यालयों के लिए अपने घरों से बाहर न निकलने की धमकी देने वाले पोस्टर छापने की साजिश रची थी। वे इन पोस्टरों को स्थानीय गांवों में बंटवाते थे।

 

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