यूपी में पुलिस ने मां को पीटा, बेटे ने की खुदकुशी, 10 पुलिसकर्मी ड्यूटी से हटाए गए

बागपत (उत्तर प्रदेश), 27 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बागपत में एक कोविड टीकाकरण शिविर में हुए विवाद, मारपीट और खुदकुशी की घटना के बाद 10 पुलिसकर्मियों को उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस विवाद में शामिल एक युवक के घर में घुस गई, उसकी मां के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ की। इससे क्षुब्ध 22 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जाता है कि वह एक आरएसएस नेता का बेटा था।

बागपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि बिनौली थाने के 10 पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी से मुक्त कर पुलिस लाइन में लगा दिया गया है।

आरएसएस के एक स्थानीय नेता का बेटा अक्षय अपनी मां को सोमवार को कोविड टीका लगवाने के लिए रणछड़ गांव के एक प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित एक टीकाकरण केंद्र में ले गया था।

वह चाहता था कि कतार में खड़ी करने के बजाय उसकी मां को पहले टीका लगा दिया जाए, क्योंकि उम्र अधिक है।

इस बात को लेकर युवक का पुलिस से विवाद हो गया। एक पुलिसकर्मी ने अक्षय को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया और हाथापाई की।

परिवार का दावा है कि बाद में पुलिसकर्मियों ने अक्षय के घर पर छापा मारा और कुर्सियों और कार की एक खिड़की को तोड़ दिया और एक ट्रैक्टर में भी तोड़फोड़ की।

जब घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया तो उनका अपमान किया गया।

पुलिस अक्षय की मां मधु, उसकी भाभी कमलेश और भाई धर्मवीर सिंह को हिरासत में लेकर थाने ले गई और अक्षय के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया।

परिवार ने कहा कि इससे क्षुब्ध अक्षय ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या की खबर ग्रामीणों तक पहुंचने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को मंगलवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की अनुमति दी।

पुलिस ने कहा कि थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय, एसएसआई उधम सिंह तलान, हेड कांस्टेबल सलीम व आरक्षक अश्विनी व मुरली समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसपी ने कहा कि अक्षय ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की थी, जिससे कैंप में अफरातफरी मच गई।

अक्षय के खिलाफ बिनौली थाने में सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट करने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

–आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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