मोदी ने तकनीकी व्यवधानों के बीच पुलिस को तैयार रखने की आवश्यकता पर बल दिया

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद भी किया।

मोदी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि लोग उनसे एक खास तरह के आचरण की अपेक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि वे न सिर्फ कार्यालय या मुख्यालय में बल्कि उससे भी परे अपनी सेवा की गरिमा के प्रति हमेशा सचेत रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा, आपका इरादा ये हो कि आपको समाज में अपनी सारी भूमिकाओं के बारे में पता हो। आपको मित्रवत रहने और वर्दी की गरिमा को हमेशा सर्वोच्च रखने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने तकनीकी हस्तक्षेपों के इस वक्त में पुलिस को एकदम तैयार रखने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अब चुनौती नई तरह के अपराधों को और भी नवीन तरीकों से रोकने की है।

पीएम मोदी ने कहा कि व्यापक तकनीकी बदलाव के इस दौर में पुलिस को पूरी तरह से तैयार रखना चुनौती है।

उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए नए प्रयोग, अनुसंधान और तरीके अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और राज्य मंत्री (गृह) नित्यानंद राय भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से स्वतंत्रता संग्राम की भावना का स्मरण रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 1930 से 1947 के बीच की अवधि में, हमारे देश की युवा पीढ़ी एक महान लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ी थी। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के भीतर भी यही भावना अपेक्षित है। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि उन्होंने स्वराज्य के लिए लड़ाई लड़ी; आपको सुराज्य के लिए आगे बढ़ना होगा।

प्रधानमंत्री ने अधिकारी प्रशिक्षुओं से कहा कि वे इस समय के महत्व को याद रखें, कि जब वे अपने करियर में प्रवेश कर रहे हैं तब भारत अपने हरेक स्तर पर परिवर्तन से गुजर रहा है। उनकी सेवा के शुरूआती 25 साल इस देश के जीवन के महत्वपूर्ण 25 साल होने जा रहे हैं, क्योंकि भारतीय गणतंत्र अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष से अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर आगे बढ़ेगा।

मोदी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि लोग उनसे एक खास तरह के आचरण की अपेक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि वे न सिर्फ कार्यालय या मुख्यालय में बल्कि उससे भी परे अपनी सेवा की गरिमा के प्रति हमेशा सचेत रहें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आपका इरादा ये हो कि आपको समाज में अपनी सारी भूमिकाओं के बारे में पता हो। आपको मित्रवत रहने और वर्दी की गरिमा को हमेशा सर्वोच्च रखने की जरूरत है।

उन्होंने ने प्रशिक्षु अधिकारियों को याद दिलाया कि वे एक भारत-श्रेष्ठ भारत के ध्वजवाहक हैं, इसलिए उन्हें हमेशा राष्ट्र पहले, हमेशा पहले के मंत्र को अपने जेहन में रखना चाहिए और ये उनकी सभी गतिविधियों में झलकना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने क्षेत्रों में रहते हुए आपके फैसलों में देश हित और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।

मोदी ने नई पीढ़ी की होनहार युवा महिला अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कोशिशें की गई हैं।

उन्होंने इस बात को लेकर आशा व्यक्त की कि देश की बेटियां पुलिस सेवा में दक्षता, जवाबदेही के उच्चतम मानकों का संचार करेंगी और साथ ही विनम्रता, सहजता एवं संवेदनशीलता के तत्व भी जोड़ेंगी।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में आयुक्त प्रणाली शुरू करने पर काम कर रहे हैं। 16 राज्यों के कई शहरों में यह व्यवस्था पहले ही शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस को प्रभावी और भविष्यवादी बनाने के लिए सामूहिक और संवेदनशील तरीके से काम करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान सेवा करते हुए अपनी जान गंवाने वाले पुलिस बल के सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महामारी के खिलाफ लड़ाई में उनके योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे पड़ोसी देशों के पुलिस अधिकारी देशों की निकटता और गहरे संबंध को दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि चाहे वह भूटान हो, नेपाल हो, मालदीव हो या मॉरीशस, हम केवल पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि हमारी सोच और सामाजिक ताने-बाने में भी काफी समानताएं हैं। हम सभी सुख-दुख के साथी हैं और जब भी कोई आपदा या विपत्ति की घड़ी होती है तो हम सबसे पहले एक-दूसरे की मदद करते हैं। कोविड अवधि में भी यह साफ दिखा है।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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