मंत्री ने किया अनाथ बाल गृह का औचक दौरा

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बालक एवं बालिकाओं के संस्कार आश्रम स्थित बाल गृह का औचक दौरा कर वहां रह रहे बच्चों को दी जा रही सभी सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बालगृह के रसोई घर का निरीक्षण कर स्वच्छता और पोषक आहार की जांच की।

गौतम अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को तय मानकों के अनुसार भोजन दिया जाए और भोजन के पोषक तत्वों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

लॉकडाउन के दौरान मंत्री राजेंद्र पाल गौतम अपने विभिन्न विभागों के वृद्धाश्रम, चाइल्ड केयर होम एवं अन्य सभी संस्थानों का दौरा कर वहां दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने संस्कार आश्रम परिसर स्थित दोनों बालगृहों का औचक निरीक्षण किया।

बालकों के संस्कार आश्रम में करीब 25 बच्चे रह रहे हैं, जबकि बालिकाओं के संस्कार आश्रम में करीब 42 बच्चियां रह रही हैं। दिल्ली समेत देश भर में चल रहे कोरोना के प्रकोप के मद्देनजर सभी बच्चों के कोविड-19 टेस्ट कराए गए, जिसमें एक बालक और तीन बालिकाएं कोरोना से संक्रमित पाई गईं। इन चारों बच्चों को इलाज के लिए कोविड केयर सेंटर में भेज दिया गया है और उनका बेहतर इलाज एवं देखभाल किया जा रहा है। सभी बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार है और वे स्वस्थ्य हो रहे हैं।

औचक निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने संस्कार आश्रम में रह रहे बच्चों को दी जा रही सभी बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से उन्हें दी जा रही सुविधाओं के संबंध में बात की और वहां के स्टाफ के बर्ताव, खाने-पीने व अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, मुझे यह जानकर खुशी हुई कि दोनों ही बाल गृहों में बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाला खाना दिया जा रहा है। स्वास्थ्य वर्धक संतुलित आहार दिया जा रहा है। बच्चों मनोरंजन की सुविधाएं जैसे टीवी आदि भी उपलब्ध है और कोरोना के खतरे को देखते हुए उन्हें सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाला साफ सुथरा पोषक आहार दिया जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने रसोई में जाकर खाने की सभी वस्तुओं का बारीकी से जांच पड़ताल की। अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को खाना तय मानकों के हिसाब से दिया जाए और भोजन के पोषक तत्वों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

संस्कार आश्रम परिसर में स्थित यह दोनों ही आश्रम महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत आते हैं और यहां अनाथ, बेघर और जरूरतमंद बच्चों को बाल कल्याण समिति की सिफारिशों के आधार पर रखा जाता है। इन बाल गृहों में रह रहे सभी बच्चों को बुनियादी जरूरत की सभी चीजें मुहैया कराई जाती हैं और स्वास्थ्य वर्धक भोजन संतुलित आहार कपड़े रोजमर्रा की जरूरतों के अलावा खेलकूद मनोरंजन और चिकित्सा सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।

–आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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