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मंत्रालय कराएगा ऑनलाइन युवा संसद का आयोजन

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नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)| मानव संसाधन विकास मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय भारतीय संविधान की 70वीं वर्षगांठ मनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन युवा संसद कार्यक्रम चलाने के लिए साझेदारी करेंगे। इस सिलसिले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे, संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव राजेंद्र एस. शुक्ला तथा सीबीएसई की अध्यक्ष अनित करवाल के बीच शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा चलाए जाने वाले युवा संसद कार्यक्रम की व्यापकता बढ़ाने के लिए इसे राष्ट्रीय युवा संसद योजना के वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बनाने के तौर-तरीकों पर विचार किया गया। बैठक में दोनों मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक में संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्रालय दिल्ली की एनसीटी सरकार के शिक्षा निदेशालय तथा एनडीएमसी, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों/कॉलेजों के अंतर्गत 1966 से स्कूलों में ऑफ लाइन युवा संसद कार्यक्रम चला रहा है।

प्रत्येक वर्ष युवा संसद कार्यक्रम में 300 शैक्षिक संस्थानों के लगभग 18000 विद्यार्थी भाग लेते हैं। यह कार्यक्रम स्पर्धा रूप में आयोजित किया जाता है, जिसमें संस्थानों की भागीदारी सीमित होती है और इस तरह इसे वांछित रूप में इसका उद्देश्य पूरा नहीं होता। इस सीमा से आगे बढ़कर मंत्रालय ने कार्यक्रम को अभी तक अछूते वर्गो और इलाकों तक बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय युवा कार्यक्रम योजना का वेब पोर्टल विकसित किया है।

समारोह के सिलसिले के हिस्से के रूप में संविधान दिवस मनाने के लिए पूरे देश में संविधान तथा मौलिक कर्तव्यों पर फोकस के साथ राष्ट्रीय स्तर के समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने 26 नवंबर, 2019 को संविधान दिवस पर संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रीय युवा संसद योजना का वेब पोर्टल लॉन्च किया।

मंत्रालय के युवा संसद कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सभी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालय पोर्टल एक्सेस कर सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी, 2020 कर दी गई है।

सफल पंजीकरण के बाद शिक्षण संस्थान अपने-अपने संस्थानों में युवा संसद बैठक करेंगे।

बैठक में भाग लेने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को भागीदारी का डिजिटल प्रमाण पत्र दिया जाएगा तथा प्रभारी शिक्षक और संस्थान के प्रमुख को प्रशंसा प्रमाणपत्र वेब पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा।

 

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