भारत को पाम तेल निर्यात की अड़चन दूर होने के इंतजार में मलेशिया

नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)| मलेशिया को उम्मीद है कि भारत को पाम तेल बेचने की राह में आई अड़चन को वह जल्द ही दूर कर लेगा, क्योंकि मलेशियन पाम काउंसिल ने मंगलवार को एक मंत्री के हवाले से कहा है कि भारत द्वारा मलेशिया से पाम तेल की खरीद पर रोक अस्थाई है। भारत के घरेलू मसलों पर मलेशिया की टिप्पणी से दोनों देशों के बीच आई तल्खी के बाद भारत ने मलेशिया से पाम तेल आयात करना बंद कर दिया है, जिससे मलेशिया के तेल निर्यात पर काफी असर पड़ने की संभावना है।

खाद्य तेल उद्योग सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी. वी. मेहता ने आईएएनएस को बताया, “भारत मलेशिया से पाम तेल का प्रमुख खरीददार है, जो सालाना 30-40 लाख टन पाम तेल मलेशिया से खरीदता रहा है, लेकिन इस समय भारत ने मलेशिया से पाम तेल खरीदना बंद कर दिया है। मलेशिया की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण उसकी खरीददारी पर भी असर पड़ा है।”

मलेशियन पाम काउंसिल के मुताबिक, भारत की खरीददारी पर रोक अस्थाई है और दोनों देश मिलकर जल्द ही इसका समाधान कर लेंगे। यह बात मलेशिया के उद्योग मंत्री टेरेसा कोक के बयान का जिक्र करते हुए कही गई है।

गौरतलब है कि पिछले साल कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मसले को लेकर मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर बिन मोहम्मद ने भारत विरोधी बयान दिया था। इसके बाद भारत में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लेकर भी मलेशिया ने तल्ख टिप्पणी की थी।

डॉ. बी. वी. मेहता ने कहा, “भारत पाम तेल का आयात मलेशिया से कहीं ज्यादा इंडोनेशिया से करता है, इसलिए भारत को मलेशिया से पाम तेल आयात बंद होने से कोई परेशानी नहीं है। अगर, भारत सरकार तेल आयात की अनुमति देती भी है तो भारत सिर्फ क्रूड पाम तेल का आयात करना चाहेगा, आरबीडी पाम तेल की आवश्यकता नहीं है।”

गौरतलब है कि भारत ने मलेशिया से आरबीडी पाम तेल आयात को प्रतिबंधित कर दिया है और इसके आयात के लिए सरकार ने बहरहाल किसी को लाइसेंस जारी नहीं किया है। वहीं, क्रूड पाम तेल की खरीददारी भी इस समय मलेशिया से नहीं हो रही है। जिससे उसकी चिंता बढ़ गई है।

भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को पाम तेल के फरवरी अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 1.59 फीसदी की तेजी के साथ 739.50 रुपये प्रति 10 किलो पर कारोबार चल रहा था।

 

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