बॉलीवुड में बनेगी क्रिकेट पर आधारित और भी कई फिल्में

 नई दिल्ली, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)| आज के दौर को देखते हुए ऐसा ही लगता है कि क्रिकेट बॉलीवुड निर्देशकों की एक खास पसंद बन गई है क्योंकि इसी विषय पर कई सारी फिल्में अगले साल क्रमानुसार आने वाली हैं।

 साल 2020 में इस क्रम में जिस फिल्म की बात सबसे पहले करेंगे वह है रणवीर सिंह अभिनीत ’83’ जो साल 1983 में क्रिकेट विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर आधारित है। रणवीर फिल्म में टीम के तत्कालीन कप्तान कपिल देव की भूमिका निभाते नजर आएंगे।

इस श्रेणी में दूसरे नंबर पर शाहिद कपूर की फिल्म ‘जर्सी’ है जो गौतम तिन्ननुरी की इसी नाम से बनी तेलुगू फिल्म की बॉलीवुड रीमेक है, फिल्म की कहानी एक असफल क्रिकेटर के इर्द-गिर्द घूमती है जो उम्र की परवाह किए बगैर सभी बाधाओं का सामना करते हुए अपने करियर को दोबारा शुरू करने का निर्णय लेता है।

इसके बाद दर्शकों के सामने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज पर एक बायोपिक आ रही है जिसमें अभिनेत्री तापसी पन्नू शीर्षक भूमिका को अदा करेंगी। इस साल दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन पर ‘गॉड ऑफ क्रिकेट’ नामक एक और फिल्म का ऐलान किया गया है।

ये तो रही आने वाले समय की बात, लेकिन अगर बीते वक्त को देखें तो क्रिकेट पर बनने वाली फिल्मों की श्रेणी में पहले से ही कई नाम जुड़े हैं। ‘लगान’, ‘इकबाल’, ‘पटियाला हाउस’, ‘दिल बोले हड़िप्पा’, ‘जन्नत’, ‘चेन कुली की मेन कुली’, ‘एम.एस.धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘अजहर’ और ‘जोया फैक्टर’ जैसी और भी कई फिल्में हैं जो क्रिकेट की पृष्ठभूमि पर बनी हैं।

नब्बे के दशक में भी इस पर एक फिल्म बनी है जिसका नाम ‘अव्वल नंबर’ है, फिल्म के निर्देशक दिवंगत मशहूर अभिनेता देव आनंद थे। फिल्म में आमिर खान को एक क्रिकेटर के किरदार में दिखाया गया था, हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी।

क्रिकेट पर फिल्में बनाने का प्रयास अस्सी के दशक में भी किया। साल 1985 में ‘कभी अजनबी थे’ नामक एक फिल्म आई थी जिसमें असल जिंदगी में क्रिकेट खिलाड़ी संदीप पाटिल एक हीरो के तौर पर दिख चुके हैं। इसके अलावा कुमार गौरव ने भी साल 1984 में आई फिल्म ‘ऑल राउंडर’ में एक क्रिकेट खिलाड़ी के किरदार को निभाया था।

इसे देखकर लगता है कि बॉलीवुड का क्रिकेट से रिश्ता काफी पुराना है।

हालांकि पहले के दौर में बनीं क्रिकेट पर आधारित फिल्में और आज के जमाने में इस विषय पर बन रही फिल्मों में एक अंतर है और वह ये कि पहले जो फिल्में बनी हैं उनमें क्रिकेट को महज एक पृष्ठभूमि के तौर पर दिखाया गया था जिसके माध्यम से प्यार, रोमांस, ड्रामा जैसी भावनाओं का प्रदर्शन किया जाता है। अगर आज के जमाने की फिल्में जैसे कि ‘एम.एस.धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘इकबाल’ और ‘अजहर’ की बात करें तो उन फिल्मों में इन फिल्मों की तुलना में क्रिकेट के बारे में उतना नहीं दिखाया गया है।

आगामी समय में जो फिल्में आने वाली हैं उनमें सिर्फ क्रिकेट और क्रिकेटर्स का मसाला ही होगा। इसमें तत्कालीन बॉलीवुड ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए खेल को आज के समय के अनुरूप प्रासंगिक बनाया जाएगा।

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