बिहार में बढ़े कोरोना मरीज, कम हुआ रिकवरी रेट

पटना, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि के बाद रिकवरी रेट (संक्रमणमुक्त होने की दर) में भी गिरावट जारी है। बिहार का रिकवरी रेट पिछले महीने 99 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज किया गया था, जो गिरकर अब 93 प्रतिशत तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो संक्रमितों की संख्या में वृद्धि के बाद संक्रमणमुक्त होने की दर में गिरावट आई है, जिससे रिकवरी रेट गिरा है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकडों पर गौर करें, तो पिछले पांच दिनों में कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर में तीन प्रतिशत की गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सात अप्रैल को 85,050 नमूनों की जांच की गई थी, इनमें से 1527 नए संक्रमित मिले थे। राज्य में इस दिन संक्रमण दर 1.79 प्रतिशत थी, जबकि स्वस्थ होने की दर 97.24 प्रतिशत थी।

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 20 मार्च को संक्रमणमुक्त होने की दर 99.23 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिसमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 25 मार्च को संक्रमणमुक्त होने की दर गिरकर 99.06 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जबकि उसके बाद यानी 31 मार्च यह दर गिरकर 98.81 फीसदी दर्ज की गई थी।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आठ अप्रैल को संक्रमणमुक्त होने की दर 96.68 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि नौ अप्रैल को यह गिरकर 96.03 प्रतिशत और 10 अप्रैल को लुढ़ककर 95.13 प्रतिशत तक पहुंच गया। 11 अप्रैल को यह आंकड़ा लुढ़ककर 94.24 प्रतिशत तक पहुंच गया।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि राज्य में 12 अप्रैल को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 80,018 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 2,999 नए संक्रमितों की पहचान की गई थी। इसी दौरान 636 लोग स्ांक्रमणमुक्त होकर अपने घर भी गए। इस तरह राज्य में सोमवार का रिकवरी रेट 93.48 प्रतिशत तक पहुंच गया।

इधर, संक्रमणमुक्त होने की दर घटने से सक्रिय मरीजों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। पटना में संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद 289 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।

बताया जाता है कि संक्रमितों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक शहरी क्षेत्रों में है। पटना सदर अनुमंडल में माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या 163 है, जबकि पालीगंज में माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या मात्र नौ है। इधर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पटना एम्स, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित सभी अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा कि अधिकरियों को संपर्क में आए लोगों की अधिक से अधिक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं और जिले के सविल सर्जनों को होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के भी फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य में सोमवार को कोरोना के 2,999 नए पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद फिलहाल बिहार के 38 जिलों में कोविड-19 के 17,052 सक्रिय मरीज हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 80,018 नमूनों की जांच की गई।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएसएन

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