पोलिस निरीक्षक ने स्वामी समर्थ के एक भक्त के पैर पर गाड़ी चढ़ा दी

बंदूक तानकर आतंक पैदा करने की कोशिश

पुणेः पुणे समाचार

कर्वे नगर इलाके की म्हाडा की सिध्दी संकल्प सोसाइटी की पार्किंग में आराम से सो रहे भक्त के पैर पर एक पुलिस निरीक्षक ने सोमवार रात लगभग साढ़े दस बजे कार के पहिए चढ़ा दिए। इतना ही नहीं बड़ी लापरवाही से भक्त के पैरों पर ही कार पार्क कर पुलिस निरीक्षक अपने फ्लैट पर भी चला गया। आखिर उस भक्त के पैर के ऊपर से सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कार हटाई और भक्त को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस निरीक्षक से जब इस बारे में एक महिला ने पूछताछ की तो सवालों के जवाब देने की बजाए पुलिस वाले ने ग़लत भाषा का प्रयोग करते हुए अपनी बंदूक तानकर आतंक पैदा करने की कोशिश की।


पुलिस महकमे को इस तरह बदनाम करने वाले पुलिस निरीक्षक का नाम चंद्रकांत बेदरे है जो इन दिनों सातारा जिले के शाहुपुरी पुलिस थाने में तैनात है। जबकि उसका घर कर्वेनगर की इस सोसाइटी में है। स्वामी समर्थ की पालकी का आगमन सोमवार को इस क्षेत्र में हुआ था। पालकी के साथ आए कुछ भक्त सोसाइटी की पार्किंग में आराम कर रहे थे। घटना वाली रात साढ़े दस बजे के आसपास निरीक्षक बेदरे कार से सोसाइटी की पार्किंग में आए। कार रिवर्स करते हुए कार के पहिए सोए भक्त के पैरों पर चढ़ गए। वहाँ उपस्थित कुछ अन्य भक्तों ने शोर मचाया लेकिन बेदरे बड़ी दबंगाई से कार को वैसे ही पार्क कर चलते बने। भक्तों की चीख-पुकार से सोसाइटी के पदाधिकारी और बाकी के भक्त भी वहाँ आ पहुँचे। सबने मिलकर कार को आगे धकेला और भक्त को बाहर निकाल पाए। उस भक्त को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जब एक महिला कुछ लोगों के साथ निरीक्षक बेदरे से घटना के बारे में जवाब तलब करने उसके घर गई तो बेदरे उस महिला से बदतमीज़ी से बातें करने लगा। बेदरे को इतना गुमान था कि उसने यह तक कह दिया कि आप लोगों को जो करना है, करो.. चाहे तो पुलिस में जा सकते हो…और अपनी बंदूक निकालकर आतंक का साया फैलाने की कोशिश की।

सोसाइटी में मची इस अफरा-तफरी की जानकारी किसी ने अलंकार पुलिस थाने को दी। पुलिस थाने के अधिकारी गणेश माने दो कर्मचारियों के साथ वहाँ पहुँचे। निरीक्षक बेदरे के गणेश माने को अपनी पहचान बताने पर माने और उन दो कर्मचारियों ने मामले को रफा-दफा कर दिया। जबकि पुलिस निरीक्षक बेदरे उस महिला के साथ ग़लत तरीके से पेश आया था साथ ही बंदूक के दम पर लोगों के मन में डर पैदा करने की भी कोशिश की। बावजूद इस मामले में अलंकार पुलिस थाने में किसी तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस शर्मनाक घटना की जानकारी पुणे समाचार को मिलते ही मंगलवार सुबह हमारे संवाददाता ने वहाँ पहुँचकर उक्त महिला, सोसाइटी के पदाधिकारियों और स्वामी भक्त से पूरे मामले की जानकारी ली।

पुणे समाचार को कुछ भक्तों ने बताया कि बेदरे घटना के दौरान शराब के नशे में था लेकिन उस समय का कोई वीडियो फुटेज उपलब्ध न होने से पुणे समाचार इसकी पुष्टि नहीं करता है। महिला के साथ बेदरे ने जिस ग़लत तरीके से बात की उसे महिला ने स्वयं कैमरे के सामने बताया है, ऐसे में सोसाइटी के रहवासियों की माँग है कि बेदरे पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। सोमवार रात को घटना की जानकारी मिलते ही जब एक पत्रकार सोसाइटी में पहुँचा तो वहाँ उपस्थित माने ने उसे वहाँ से चले जाने को कहा। माने ने इस तरह का व्यवहार क्यों किया? क्या माने ने तय कर लिया था कि बेदरे पर कार्रवाई नहीं करनी थी? इस तरह के कई सवाल सोसाइटी में रहने वाले लोगों और स्वामी भक्तों के मन-मस्तिष्क में घूम रहे हैं जिसके जवाब मिलने अभी शेष हैं।