पोर्न मामला : राज कुंद्रा को 10 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा (लीड-1)

मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। सनसनीखेज पोर्न फिल्म रैकेट मामले में मुख्य आरोपी कारोबारी राज कुंद्रा को 10 अगस्त तक के लिए दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके वकील अबाद पोंडा ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी।

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति कुंद्रा को मुंबई की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उनकी पुलिस हिरासत को और सात दिनों के लिए बढ़ाने की अभियोजन की याचिका को खारिज कर दिया।

अन्य बातों के अलावा, अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि उन्हें एक निजी बैंक खाते में कुंद्रा की कंपनी से संबंधित 1.13 करोड़ रुपये की राशि मिली है, जिसकी वे आगे जांच करना चाहते है।

रिमांड याचिका का विरोध करते हुए, पोंडा ने तर्क दिया कि कुंद्रा की हिरासत उन अपराधों में मांगी जा रही है जो दो गैर-जमानती आरोपों को छोड़कर बड़े पैमाने पर जमानती हैं।

उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है जिसके लिए अभियोजन पक्ष उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर रहा है और दोहराया कि अगर पुलिस ने उन्हें (कुंद्रा) तलब किया होता तो वह सहयोग करते।

पोंडा ने कहा कि कुंद्रा ने जमानत के लिए आवेदन किया है और उनके आवेदन पर बुधवार (28 जुलाई) को मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई होगी।

कुंद्रा ने अपनी जमानत याचिका में दलील दी है कि वह चल रही जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और लंबे समय से हिरासत में हैं।

मुंबई पुलिस ने 19 जुलाई को कुंद्रा को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अश्लील कंटेंट बनाने और वितरित करने के सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद, उन्हें 23 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया, जिसे 27 जुलाई तक बढ़ा दिया गया और अब उन्हें 10 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस ने पिछले शुक्रवार को जुहू में कुंद्रा के घर पर छापा भी मारा और उनकी पत्नी शिल्पा शेट्टी का बयान दर्ज किया, साथ ही अन्य को भी तलब किया, जिनके नाम पहले फरवरी में सामने आए अश्लील साहित्य मामले में और बाद में अंतरराष्ट्रीय एंगल में सामने आए थे।

मुंबई पुलिस ने अन्य पीड़ितों से अपील की है कि वे आगे आएं और उनके खिलाफ किए गए अवैध कृत्यों के बारे में जानकारी दें और कहा कि उन्होंने पहले ही दो पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर लिए हैं।

कुंद्रा पर भारतीय दंड संहिता, आईटी अधिनियम और महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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