दिल्ली में 51 किलो गांजा के साथ 3 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। देशभर में तस्करों की लगातार धड़-पकड़ की जा रही है। रेलवे पुलिस ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने ओडिशा के तीन तस्करों को नई दिल्ली से पांच लाख रुपये की कीमत के 51 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है, जिसकी आपूर्ति जम्मू की जानी थी।

डीसीपी रेलवे पुलिस हरेंद्र के सिंह ने कहा कि प्रतिबंधित गांजा के परिवहन में शामिल दो पुरुषों और एक महिला की गिरफ्तारी के साथ, पीएस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों ने जम्मू में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल ड्रग तस्करों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों की पहचान रंजीत कुमार, स्वाधिना बिसोई, दोनों ओडिशा के गंजम जिले के निवासी और ओडिशा के कंधमाल जिले के रहने वाले सच्चा नायक के रूप में हुई है।

सिंह ने बताया कि पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान प्लेटफार्म 12-13 पर फुटओवर ब्रिज के पास तीन संदिग्ध व्यक्तियों को देखा गया। वे भुवनेश्वर से दिल्ली पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि वे दो बैग ले जा रहे थे। बैग के अंदर क्या है यह दिखाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया।

डीसीपी ने कहा, गंभीर संदेह पर उन्हें नई दिल्ली रेलवे पुलिस स्टेशन लाया गया। निरंतर पूछताछ के दौरान, उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपने बैग में गांजा ले जा रहे थे।

उनके बैग खोले गए और पता चला कि दोनों बैगों में कुल 51 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था।

उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे ओडिशा से दिल्ली में गांजा लाने में शामिल हैं।

सिंह ने कहा कि रंजीत ने खुलासा किया कि वह खेती करता है और कोविड महामारी के दौरान वह एक गिरोह के सदस्य के संपर्क में आया, जिसने उसे कई स्थानों पर यह पहुंचाने के लिए कहा।

डीसीपी ने कहा, वह इन प्रतिबंधित वस्तुओं की डिलीवरी के लिए 10,000 रुपये से 50,000 रुपये लेता था।

इसी तरह, बिसोई ने कहा कि वह बहुत गरीब परिवार से हैं। कोविड महामारी के दौरान वह रंजीत के संपर्क में आया, जिसने उससे कहा कि वह उसके साथ विभिन्न स्थानों पर प्रतिबंधित वस्तुओं को पहुंचाने का काम करेगा। वह टीम लीडर रंजीत से ये प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए 5,000 रुपये लेता था।

जबकि नायक ने यह भी कहा कि वह बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है। कोविड महामारी के दौरान वह अपने रिश्तेदारों बिसोई और रंजीत के संपर्क में आई, जिन्होंने उन्हें विभिन्न स्थानों पर प्रतिबंधित वस्तुओं को पहुंचाने के लिए उनके साथ काम करने के लिए कहा। सिंह ने कहा कि वह टीम लीडर रंजीत से इन प्रतिबंधित सामानों की डिलीवरी के लिए 5,000 रुपये लेती थी।

बरहाल पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगाल रही है।

–आईएएनएस

एचके/एएनएम

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