दिल्ली: बीते पूरे सप्ताह जरूरत के मुकाबले मिली केवल 40 प्रतिशत ऑक्सीजन

नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। कोरोना महामारी से जूझ रही दिल्ली को बीते 1 सप्ताह में उसकी आवश्यकताओं के मुकाबले केवल 40 प्रतिशत ऑक्सीजन ही उपलब्ध हो सकी है। इसके कारण पिछले सप्ताह भी दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर अफरा-तफरी मची रही। बीते 24 घंटे के दौरान भी दिल्ली के अस्पतालों को 150 मीट्रिक टन कम ऑक्सीजन ऑक्सीजन उपलब्ध हुई है।

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि बीते 24 घंटे में दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कुल डिमांड 976 मीट्रिक टन रही जबकि दिल्ली को केवल 433 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। यानी दिल्ली की कुल मांग के मुकाबले केवल 44 प्रतिशत ऑक्सीजन ही दिल्ली को दी गई।

दिल्ली सरकार ने बीते 1 सप्ताह की जानकारी देते हुए बताया कि पूरे सप्ताह दिल्ली में कोरोना रोगियों के लिए प्रतिदिन औसतन 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता थी। इस आवश्यकता के मुकाबले औसतन दिल्ली को प्रतिदिन 393 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही उपलब्ध कराई गई।

केजरीवाल सरकार का कहना है कि बीते 1 सप्ताह के दौरान दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की जितनी आवश्यकता थी उसके मुकाबले केवल 40 प्रतिशत ऑक्सीजन ही दिल्ली को दी गई।

इसका सीधा असर अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता पर पड़ रहा है। इस बीच दिल्ली सरकार ने एक बार फिर केंद्र सरकार से दिल्ली को अधिक ऑक्सीजन मुहैया कराने की अपील की है।

दिल्ली में बढ़ते कोरोना रोगियों की संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने केंद्र से 976 मीटर टन ऑक्सीजन प्रतिदिन देने की मांग की है। वहीं केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन का कोटा 590 मीट्रिक टन प्रतिदिन तय किया है। लेकिन अभी भी दिल्ली को 433 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल रही है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमनें सभी से मदद मांगी है। अभी दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर काफी समस्या है। दिल्ली को अपने कोटे की ऑक्सीजन नहीं मिली है। मनीष सिसोदिया ने यह भी बताया कि रविवार को 590 मीट्रिक टन में से केवल 440 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल पाई जबकि अभी दिल्ली को 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपील करते हुए कहा कि यदि सेना के पास ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर टैंकर मौजूद है तो उसे दिल्ली के लिए मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ अभी 500 बेड का कोरोना सेंटर चला रही है जिससे काफी मदद मिल रही है। यदि डीआरडीओ अपने सेंटरों की संख्या बढ़ाता है तो ये इस महामारी के समय में काफी मददगार साबित होगा।

–आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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