दिल्ली कैबिनेट ने ऑटो के पंजीकरण, फिटनेट शुल्क में कमी की

 नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)| दिल्ली कैबिनेट ने मंगवलार को ऑटोरिक्शा चालकों और मालिकों के लिए पंजीकरण और अन्य शुल्क में कमी के साथ ही जीरो जीपीएस शुल्क और फिटनेस शुल्क को मंजूरी दे दी।

 ऑटोरिक्शा चालकों और मालिकों को जीपीएस-ट्रैकिंग शुल्क के रूप में 100 रुपये प्रति महीने और फिटनेट शुल्क में 600 रुपये प्रति महीने देना होता था।

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की अगुवाई में कैबिनेट ने परिवहन विभाग द्वारा ऑटोरिक्शों के विभिन्न शुल्कों में कटौती का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।

सरकार ने एक बयान में कहा, “नए बदलाव 1 सितंबर से लागू होंगे।”

जबकि कोई फिटनेस शुल्क नहीं होगा, ेलेकिन मालिकों और चालकों को विलंब फिटनेस जुर्माना में 300 रुपये विलंब शुल्क भरना होगा, जबकि अब तक वे 1,000 रुपये का भुगतान कर रहे थे।

पंजीकरण और दुबारा पंजीकरण के लिए अब तक 1,000 रुपये का शुल्क लगता था, जिसे घटाकर 300 रुपये कर दिया गया है।

बयान में कहा गया, “संशोधित योजना के तहत वे डुप्लीकेट पंजीकरण सर्टिफिकेट और ट्रांसफर ऑफ ऑनरशिप 150 रुपये में कर सकेंगे, जो अब तक 500 रुपये था।”

You might also like

Comments are closed.