जूना अखाड़ा, अन्य संप्रदायों ने पीएम के आह्वान का रखा मान, कुंभ का समापन

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। हरिद्वार में कुंभ मेले को प्रतीकात्मक तरीके से मनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद शनिवार को जूना अखाड़ा ने अपनी ओर से वार्षिक समारोह का समापन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि विभिन्न अखाड़ों से जुड़े अन्य संत भी पवित्र तीर्थयात्रा को समाप्त करने के लिए सहमत हों।

हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरि ने अपने ट्विटर हैंडल और एक वीडियो के माध्यम से यह घोषणा करते हुए कहा, अब जूना अखाड़े के लिए कुंभ मेला संपन्न हो गया है।

अवधेशानंद ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जूना अखाड़े ने कुंभ खत्म करने का फैसला किया है। जिन देवताओं का हमने आवाहन किया था, उनका विधिवत विसर्जन कर दिया है। विभिन्न अखाड़ों के अन्य संत भी सहमत हैं।

उन्होंने कहा, जिन संतों को आने वाले दिनों में शाही स्नान में हिस्सा लेना है, वे प्रतीकात्मक रूप से इसमें हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद पूरा देश एकजुट है। पूरा देश कोविड-19 से मुक्त हो जाएगा। मैं कुंभ मेले से विश्व कल्याण की प्रार्थना कर रहा हूं।

इससे पहले, दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजन क्षेत्र से बड़ी संख्या में कोविड पॉजिटिव मामलों की खबरों पर गौर करते हुए घातक वायरस के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए कुंभ मेला आयोजन को प्रतीकात्मक तरीके से मनाने की अपील की।

प्रधानमंत्री की यह अपील देश में कोविड-19 की दूसरी लहर चलने के बीच हरिद्वार में गंगातट पर हजारों लोगों के जुटने को लेकर व्याप्त राष्ट्रव्यापी चिंता को देखते हुए आई है।

प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज से फोन पर बात की और आयोजन के बारे में अपील की।

उन्होंने कहा, मैंने शनिवार सुबह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से फोन पर बात की और सभी संतों के स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हुए हैं और कोरोना संकट के कारण कुंभ को प्रतीकात्मक रखा जाना चाहिए। इससे इस संकट से लड़ाई की ताकत मिलेगी।

मोदी ने प्रशासन को समर्थन देने के लिए सभी संतों का शुक्रिया अदा किया।

इसके बाद हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष ने ट्वीट किया, हम प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हैं। मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर बड़ी संख्या में स्नान के लिए न आएं और सभी नियमों का पालन करें।

प्रधानमंत्री की यह अपील एक हिंदू संत के कथित तौर पर कोविड-19 संक्रमण से निधन होने के बाद आई है और लगभग 100 अन्य पवित्र पुरुषों ने धार्मिक त्योहार में भाग लेने के बाद सकारात्मक परीक्षण किया, जहां भारी संख्या में तीर्थयात्री संक्रमण में राष्ट्रीय वृद्धि के बावजूद कोविड-19 सलाह की अनदेखी कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में 2,34,692 नए कोविड-19 मामले आए जो अब तक का एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

–आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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