जिंदल यूनिवर्सिटी बनी विजय ज्योति का पहला पड़ाव

 सोनीपत (हरियाणा), 15 जुलाई (आईएएनएस)| भारतीय सेना की विजय ज्योति (विक्ट्री फ्लेम) की रिले का सोमवार को पहला पड़ाव ओ.पी.जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) रही।

 यह ज्योति कारगिल विजय दिवस के 20वीं वर्षगांठ को चिन्हित करने के लिए नई दिल्ली में प्रज्वलित की गई।

यह मशाल रिले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से रविवार को शुरू हुई और यात्रा के दौरान जम्मू एवं कश्मीर के द्रास पहुंचेगी, जहां इसका कारगिल युद्ध स्मारक में अनंत ज्योति में विलय किया जाएगा।

यह ज्योति द्रास पहुंचने से पहले 11 कस्बों व शहरों से गुजरेगी। द्रास में भारतीय सेना के कर्मी व शहीदों के परिवार श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

ज्योति को ग्रहण करते हुए जेजीयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर वाई.एस.आर.मूर्ति ने कहा, “गौरव, सम्मान व प्रेरणा तीन स्तंभ हैं, जिसकी वजह से एक राष्ट्र के रूप में हम आज सालगिरह मना रहे हैं। जेजीयू की शैक्षणिक बिरादरी विजय ज्योति का गर्मजोशी से स्वागत करती है।”

जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप व एग्जिक्यूटिव एजुकेशन (जेआईएलडीईई) के वरिष्ठ निदेशक (सेवानिवृत्त) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश कोचर ने कहा, “हम जेजीयू में ‘ऑपरेशन विजय’ की 20वीं वर्षगांठ पर सफलतापूर्वक कार्यक्रम की मेजबानी करते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं।”

भारतीय सेना ने मई 1999 में पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय शुरू किया था। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा के पार भारत के कारगिल सेक्टर में घुसपैठ की थी।

यह लड़ाई 26 जुलाई 1999 को खत्म हुई। तब से यह दिवस हर साल ‘कारगिल विजय दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है।

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