जर्मनी से निर्वासित अफगान शरणार्थी काबुल पहुंचे

काबुल, 9 जून (आईएएनएस)। 42 शरणार्थियों का एक समूह जर्मनी से निर्वासित होने के बाद बुधवार तड़के काबुल पहुंचा। ये जानकारी काबुल हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने दी है।

डीपीए ने बताया कि चार्टर्ड फ्लाइट सुबह 7:48 बजे (0318 जीएमटी) उतरी। दिसंबर 2016 के बाद से जर्मनी से अफगानिस्तान के लिए यह 39 वीं निर्वासन उड़ान है।

बर्लिन ने अब तक कुल 1,077 शरण चाहने वालों को अफगानिस्तान लौटा दिया है।

निर्वासन उड़ानें आमतौर पर मासिक होती हैं, लेकिन मई में कोई नहीं थी।

जर्मन आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि जिस तारीख को संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य नाटो देशों ने आधिकारिक तौर पर अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस लेना शुरू कर दिया था, इसे स्थगित कर दिया गया था । अफगान अधिकारियों ने 1 मई के आसपास सुरक्षा उपायों में वृद्धि की आवश्यकता महसूस की थी।

ये निर्वासन गहरा विवादास्पद रहा है, आलोचकों का कहना है कि युद्धग्रस्त देश शरण चाहने वालों को वापस करने के लिए बहुत खतरनाक है।

तालिबान आतंकवादियों द्वारा लगभग दैनिक हमले अफगान नागरिकों पर भारी पड़ रहे हैं। इस्लामिक स्टेट मिलिशिया भी देश में सक्रिय है।

शांति वार्ता के बावजूद तालिबान और अफगान सरकार के बीच संघर्ष जारी है और सुरक्षा की स्थिति बिगड़ती जा रही है।

अमेरिका के नेतृत्व वाली वापसी ने देश को अनिश्चितता की स्थिति में छोड़ दिया है।

मई की शुरूआत के बाद से तालिबान विद्रोहियों ने कम से कम 11 जिलों पर कब्जा कर लिया है। सैनिक उपकरण और गोला बारूद छोड़कर आत्मसमर्पण करते है या पीछे हट जाते हैं।

अफगानिस्तान देश के अधिकांश हिस्सों में नियमित संघर्षों और लक्षित हत्याओं का सामना कर रहा है, और अब हमले लगभग प्रतिदिन राजधानी काबुल में हो रहे हैं।

कोरोनावायरस महामारी ने अफगानों के रहने की स्थिति को और खराब कर दिया है। हाल ही में देश ने नए कोविड 19 संक्रमणों में और दैनिक मृत्यु के आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

–आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

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