गलवान के नायक मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से अलंकृत

नई दिल्ली/हैदराबाद, 26 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में पिछले वर्ष चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए 20 भारतीय जवानों को गणतंत्र दिवस के मौके पर मरणोपरांत वीरता पुरस्कार और रक्षा अलंकरणों से सम्मानित किया गया है।

कर्नल बी. संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से अलंकृत किया गया है। चार जवानों को वीर चक्र, जबकि अन्य को सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। कुल 256 जवानों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

गलवान के नायक रहे शहीद कर्नल बी. संतोष बाबू तेलंगाना के सूर्यापेट जिले के रहने वाले थे। भारतीय सेना ने अपने एक बयान में कहा है कि संतोष बाबू ने कुशल नेतृत्व, अदम्य साहस, अभूतपूर्व शौर्य का परिचय देते हुए दुश्मन सेना के दांत खट्टे कर दिए। अंततोगत्वा उन्होंने प्राणों की आहूति देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणापरांत महावीर चक्र से अलंकृत किया गया है।

तेलंगाना के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बांदी संजय कुमार ने कहा कि उनके सर्वोत्तम बलिदान के लिए राष्ट्र उन्हें नमन करता है।

संसद सदस्य संजय ने ट्वीट के माध्यम से अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से मोर्चा लेते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले कर्नल संतोष बाबू के शौर्य व पराक्रम को नमन करते हुए सरकार ने उन्हें मरणापरांत दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार से अलंकृत किया है। पूरा राष्ट्र उनके समक्ष नतमस्तक है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष 15 जून को गलवान घाटी में सीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में 16 बिहार रेजीमेंट के 20 जवान शहीद हो गए थे। 16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू भारत-चीन सीमा पर विगत डेढ़ साल से तैनात थे। वह नेशनल डिफेंस अकेडमी और कोरुकोंडा सैनिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं।

–आईएएनएस

एसआरएस-एसकेपी

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