कर्नाटक कैबिनेट विस्तार : भाजपा नेताओं में बेचैनी का माहौल

बेंगलुरू, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा की राज्य इकाई के नेताओं के खेमे में बेचैनी का माहौल है क्योंकि उन्हें खबर मिली है कि पार्टी बुजुर्ग नेताओं की जगह नए चेहरों को लाना चाहती है।

पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कैबिनेट में 6 नए चेहरों को मौका देने पर सहमति जताई है।

ऐसा कहा जा रहा है कि बोम्मई ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों, अन्य पिछड़े समुदायों, लिंगायत और वोक्कालिगा जातियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए पांच उपमुख्यमंत्रियों के निर्माण का प्रस्ताव रखा है।

सूत्रों ने बताया कि बोम्मई के प्रस्ताव पर आलाकमान और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने सहमति जताई है।

हालांकि कहा जा रहा है कि आरएसएस के नेता जाति के आधार पर कैबिनेट बनाने से हिचकिचाते हैं। उनका यह भी मत है कि उपमुख्यमंत्रियों के पदों के सृजन से आपस में अनावश्यक प्रतिद्वंद्विता पैदा होगी।

नई कैबिनेट में उनकी छंटनी की खबर आने के बाद से बीजेपी के वरिष्ठ नेता, जो शानदार पोस्टिंग का आनंद ले रहे थे, परेशान बताए जा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार, एस. सुरेशकुमार, आर. अशोक और पूर्व उपमुख्यमंत्री गोविंद करजोल पार्टी में अपनी प्रमुखता बनाए रखने के लिए पुरजोर पैरवी कर रहे हैं।

पार्टी ने पहले चरण में 21 से 25 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल करने का फैसला किया है। सूत्रों ने दावा किया कि प्रतिक्रियाओं को देखने के बाद भविष्य में निर्णय लिया जाएगा।

लेकिन, कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले अधिकांश विधायकों के मंत्रिमंडल में जगह बनाने की संभावना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि येदियुरप्पा लगातार उन पर सहानुभूतिपूर्ण बयान देते रहे हैं।

इस बीच, पूर्व मंत्री उमेश कट्टी, सी.सी. पाटिल, सी.पी. योगेश्वर, पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी और विधायक अरविंद बेलाड नई दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।

–आईएएनएस

एसएस/एएनएम

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