ओलंपिक राउंडअप : भारतीय शूटरों ने एक बार फिर किया निराश

नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय निशानेबाजों का टोक्यो ओलंपिक में आज भी प्रदर्शन निराशजनक रहा और कोई भी निशानेबाज मेडल राउंड में भी जगह नहीं बना सका।

निशानेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ में बदलाव किया जाएगा।

भारत की निशेनाबाज मनु भाकर और सौरभ चौधरी ओलंपिक निशानेबाजी प्रतियोगिता के चौथे दिन मंगलवार को 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम इवेंट में सातवें स्थान पर रहे।

600 में से 586 के स्कोर के साथ पहले क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष पर रहने के बाद और 2019 में चार विश्व कप स्वर्ण पदक जीतने वाले फॉर्म की झलक दिखाते हुए, मनु और चौधरी दूसरे क्वालीफिकेशन मेडल राउंड से चार अंकों से पीछे रह गए। उनका स्कोर 400 में से 380 रहा।

अभिषेक वर्मा और यशस्विनी देसवाल की भारत की दूसरी जोड़ी 564 के स्कोर साथ 17वें स्थान पर रही और पहले क्वालीफिकेशन के दौर से आगे नहीं बढ़ सकी।

10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम इवेंट में दो भारतीय जोड़ी भी क्वालीफिकेशन के पहले दौर से बाहर हो गई। इलावेनिल वलारिवान और दिव्यांश सिंह पंवार की जोड़ी ने 626.5 अंक हासिल किए और 12वें स्थान पर जा पहुंचे, जबकि दीपक कुमार और अंजुम मुदगिल 623.8 अंक के साथ शीर्ष आठ से बाहर रहकर 18वें स्थान पर रहे।

भारतीय निशानेबाजी के प्रसिद्ध नामों में से एक, जॉयदीप करमाकर, जिन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में 50 मीटर राइफल प्रोन में भाग लिया और चौथे स्थान पर रहते हुए कांस्य से चूक गए, ने भारत के प्रदर्शन को आपदा करार दिया और आत्मनिरीक्षण का आह्वान किया।

कर्माकर ने ट्वीट किया, अब मैं इसे एक आपदा कहूंगा! यह (10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम इवेंट) से सबसे बड़ी उम्मीद थी और जो कुछ हुआ उसे लेकर भाग्य को दोष नहीं देना चाहिए।

हालांकि, निशानेबाजों की नाकामी के बीच भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आज स्पेन को 3-0 से हराकर भारत के लिए पदक की उम्मीदें बनाई रखी हैं।

पुरुष हॉकी टीम की जीत ने जो उत्साह पैदा किया उसे टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल की हार ने निराशा में बदल दिया।

टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम टेबल नंबर-1 पर मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन चीन के मा लोंग ने कमल को 4-1 से हराया। लोंग ने यह मैच 11-7 8-11, 13-11, 11-4, 11-4 से हराया। यह मैच 46 मिनट चला।

कमल की हार के साथ ही इस इवेंट में भारत की चुनौती समाप्त हो गई है।

इस बीच, सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में बैडमिंटन स्पर्धा में अपने तीसरे ग्रुप मैच में जीत हासिल की लेकिन इसके बावजूद यह जोड़ी पदक की दौड़ से बाहर हो गई।

तीन मैचों में यह भारतीय जोड़ी की दूसरी जीत थी। पुरुष युगल के लिए चार-चार टीमों के चार ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें से टॉप-2 टीमें क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करना है। लेकिन अपने ग्रुप में चिराग और सात्विक तीसरे स्थान पर रहे।

–आईएएनएस

एसकेबी/एसजीके

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