ऑस्ट्रेलिया : मोटापे, मधुमेह से निपटने के लिए चीनी टैक्स लगाने की मांग

कैनबरा, 9 जून (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया की शीर्ष चिकित्सा संस्था ने मोटापे, मधुमेह और खराब स्वास्थ्य से निपटने के लिए सरकार से शक्कर युक्त पेय पदार्थों पर टैक्स लगाने की मांग की है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को नेशनल प्रेस क्लब में एक संबोधन में, ऑस्ट्रेलियन मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के अध्यक्ष उमर खोर्शीद ने एक ऐसे कर की वकालत की, जो शक्कर पेय की खपत को कम करेगा।

उन्होंने कहा, ऑस्ट्रेलिया में हर साल 2.4 अरब लीटर से अधिक शक्कर पेय की खपत होती है। यह 960 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल भरने के लिए पर्याप्त है।

मधुमेह, मोटापा और खराब संवहनी स्वास्थ्य हमारे स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ के लिए बहुत बड़ा योगदान है।

शक्कर युक्त पेय, और विशेष रूप से जिनमें बहुत कम या कोई पोषण मूल्य नहीं है, इस समस्या को बढ़ावा देते हैं। यह कार्रवाई का समय है।

2019 में ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि 9.1 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई वयस्कों ने रोजाना चीनी-मीठे पेय का सेवन किया।

ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, एक औसत ऑस्ट्रेलियाई प्रतिदिन 60 ग्राम या 14 चम्मच चीनी का सेवन करता है।

एएमए ने प्रस्ताव दिया है कि चीनी-मीठे पेय पदार्थों के खुदरा मूल्य में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की जानी चाहिए।

खुर्शीद के अनुसार, यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक सिफारिश के अनुरूप है, और 25 साल की अवधि में, टाइप 2 मधुमेह के 16,000 कम मामले, हृदय रोग के 4,400 कम मामले और स्ट्रोक के 1,100 कम मामले सामने आ सकते हैं।

उन्होंने कहा यह जीवन बचा सकता है और स्वास्थ्य देखभाल की लागत में लाखों डॉलर बचा सकता है।

–आईएएनएस

एसएस/आरजेएस

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