एक फ़टाग्राफ़र की कहानी हैं फिल्म ‘फ़ोटोग्राफ़’

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का अंदाज व मुंबई की हवा फिल्म को बनाती है हिट

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फिल्म – फोटोग्राफ
कास्ट – नवाजुद्दीन सिद्दीकी, सान्या मल्होत्रा आदि
डायरेक्टर: रितेश बत्रा
स्टार रेटिंग: 3

पुणे : समाचार ऑनलाइन (असित मंडल) – फिल्म ‘फ़ोटोग्राफ़’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई। नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सान्या मल्होत्रा फिल्म में लीड रोल में है। रितेश बत्रा द्वारा निर्देशक ये फिल्म भले ही रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा है, लेकिन लंच बॉक्स जैसे हिट फिल्म देने वाले रितेश ने फिल्म ‘फ़ोटोग्राफ़’ को अलग तरह से पेश करने की कोशिश की है। ‘फोटोग्राफ’ एक फ़टाग्राफ़र की कहानी है। जो मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया में लोगों की तस्वीर खींचकर पैसे कमाता है। वो सबको ये कहता है कि ‘आपके चेहरे पर ये धूप दोबारा ऐसे नहीं पड़ेगी दोबारा ये हवाएँ इस तरह आपके बाल नहीं उड़ाएँगी, ये सब एक तस्वीर में क़ैद कर लीजिए’।

कहानी –
फिल्म की शुरुवात ऐसे होती है जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी (एक फोटोग्राफर) ऐसे ही एक दिन एक यंग लड़की मिलोनी (सान्या मल्होत्रा) को तस्वीर खिंचवाने के लिए राज़ी करता है। इन दोनों की केमिस्ट्री और प्यार के ठंडे एहसास तले ये फ़िल्म चलती है। कुछ ऐसा होता है कि रफ़ीक मिलोनी को अपनी दादी से अपनी मंगेतर के तौर पर मिलवाता है। अलग धर्म, अलग रंग, रूप और अलग पढ़ाई होने के बाद दोनों को ये एहसास होने लगता है कि दोनों में बहुत कुछ एक जैसा है। दोनों का नेचर और इमोशन छिपाने का तरीक़ा भी एक जैसा है। फिल्म की खूबी ये है कि मिलोनी और रफ़ीक जब मिलते हैं तो शांत रहते हैं, दोनों एक दूसरे बारे में क्या सोच रहे हैं ये निर्देशक ने आप पर छोड़ दिया है।

फिल्मे के ट्रेलर में ही सब कुछ साफ़ हो गया है कि नवाजुद्दीन एक फोटोग्राफर है। वहीं सान्या मालोत्रा को उससे धीरे-धीरे प्यार हो जाता है। फिल्म में नवाजुद्दीन का अंदाज आपको बांध कर रखेंगी। फिल्म में कई ऐसे डायलॉग है जो बेहद सादा और सीधा है। इसके बावजूद ये डायलॉग आपको बेहद पसंद आने वाली है।
जैसे- ‘आपके चेहरे पर ये धूप दोबारा ऐसे नहीं पड़ेगी दोबारा ये हवाएँ इस तरह आपके बाल नहीं उड़ाएँगी, ये सब एक तस्वीर में क़ैद कर लीजिए’ | कहां से नाजुक लड़की ढूंढ़कर लाया है, जो एक गोला खाकर बीमार पढ़ जाती है | ये आप और मैडम ये एक्टर हो क्या, तभी मैंने सोचा रहा था इसकी जैसी लड़की आपके साथ …. फिल्मे ऐसे कई डायलॉग है।

फिल्म की अच्छाई – फ़िल्म के बैक्ग्राउंड में म्यूज़िक से ज़्यादा रियल आवाज़ें इस्तेमाल की गयी हैं, मुंबई की बारिश, चाय और पकोड़े आपको रोमांस का हल्का अहसास कराएँगे। निर्देशक ने फ़िल्म का क्लाइमैक्स भी ओपन रखा है जिसे आप अपने हिसाब से गढ़ सकते हैं। हालाँकि निर्देशक ने हिंट ज़रूर दिया है की फ़िल्म का अंत कैसा होगा।

कमजोर पार्ट – ये फ़िल्म हद से ज़्यादा स्लो है। वहीं किसी तरह का कोई विशेष संदेश भी नहीं देती है। ये एक ऐसा सफ़र है जिसमें ज़्यादातर लोग बोर हो सकते है। फिल्म दो तीन कैरेक्टर के आगे पीछे ही घूमती है।

एक्टिंग – नवाजुद्दीन सिद्दीकी के एक्टिंग पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता। इस फिल्म में भी नवाजुद्दीन का अंदाज दर्शकों को बांधकर रखता है। वहीं सान्या मल्होत्रा ने भी अपना काम बखूबी निभाया है।

पुणे समाचार की ओर से फिल्म ‘फोटोग्राफ’ को 3 स्टार दिया जाता है। अगर आप नवाजुद्दीन सिद्दीकी के फैन है तो ये फिल्म एक बाद देख सकते है। हालांकि फिल्म देखते वक़्त आपके धैर्य की परीक्षा भी देनी पड़ेगी।

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