शरद पवार लोकसभा चुनाव के मैदान से बाहर

नहीं लड़ेंगे माढ़ा से चुनाव; पार्थ पवार मावल से प्रत्याशी घोषित

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पुणे : समाचार ऑनलाईन – लोकसभा चुनाव की घोषणा के दूसरे ही दिन महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़ा ऐलान हुआ, जिससे सभी अचंभित रह गए। सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस के हाईकमान ने लोकसभा चुनाव के मैदान से बाहर होने का ऐलान किया। उन्होंने घोषित किया कि वे माढ़ा लोकसभा चुनाव क्षेत्र, जहाँ से उन्होंने खुद अपनी उम्मीदवारी घोषित की थी, से चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आज एक और अहम घोषणा की कि, मावल लोकसभा चुनाव क्षेत्र से उनके पोते और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ चुनाव लड़ेंगे।
बीते कुछ दिनों से मावल से पार्थ पवार के चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही है। हालांकि पार्टी हाईकमान और उनके दादा शरद पवार ने एक परिवार से ज्यादा उम्मीदवार देने से कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाने को बात कहकर पार्थ की उम्मीदवारी को नकार दिया था। मगर शरद पवार के बारे में कहा जाता है कि उनकी ना में उनकी हां और हां में ना छिपी होती है। आज पार्थ पवार की मावल लोकसभा की सीट से उम्मीदवारी की घोषणा से शरद पवार के बारे में अक्सर कहे जाने वाली यह बात सच साबित होती नजर आ रही है।
लोकसभा चुनाव के नगाड़े बजने की शुरुआत होने के साथ ही शरद पवार ने माढा लोकसभा चुनाव क्षेत्र से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि इससे पहले वे लगातार कोई चुनाव न लड़ने की बात करते रहे। मगर पार्टी की आंतरिक गुटबाजी के चलते उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। यहां पार्थ पवार की उम्मीदवारी को नाकारने के बाद उन्हें ही मावल से टिकट देने को लेकर आग्रह किया जाता रहा। हाल ही में शेकापा ने भी पार्थ को मावल से टिकट देने की मांग की थी। इन तमाम गतिविधियों के बाद आज शरद पवार ने अपने चुनाव न लड़ने और पार्थ को मावल से उम्मीदवार तय करने की घोषणा की। एक परिवार से कितने लोग खड़े होंगे? इस पर परिवार के साथ चर्चा करने के बाद यह फैसला किया गया है। साथ ही उनका राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्यकाल भी काफी बचा है, इस ओर भी उन्होंने ध्यानाकर्षित किया।

महाराष्ट्र के सबसे कद्दावर नेताओं में शुमार शरद पवार फिलहाल महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार पिछली यूपीए सरकार में कृषि मंत्रालय के साथ-साथ उपभोक्ता, खाद्य एवं पीडीएस मंत्री भी रह चुके हैं। पवार 1991 से 2009 तक वे महाराष्ट्र के बारामती से लोकसभा सांसद रहे हैं। 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में 2014 में उनकी पार्टी ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन महज चार सीटों पर जीत मिली थी। वहीं इस चुनाव में उसकी गठबंधन की साथी कांग्रेस ने 26 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन महज दो ही सीटें जीत पाई थीं।

गौरतलब हो कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और एनसीपी में सीटों का बंटवारा हो चुका है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 26 और एनसीपी 22 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोकसभा सीटों के लिहाज से महाराष्ट्र (48) उत्तर प्रदेश (80) के बाद दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य में लोकसभा चुनाव के ठीक बाद अक्टूबर में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। चुनाव आयोग की तरफ से रविवार (10 मार्च) को किए गए ऐलान के मुताबिक महाराष्ट्र में चार चरणों में चुनाव होंगे। इसके लिए 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

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