काउंटर अटैक करने में राष्ट्रवादी कांग्रेस की दोहरी भूमिका

मावल के 'मनोमिलन' पर 4 घन्टे में पलटवार; शिरूर में मात्र चुप्पी साधी

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पिंपरी : समाचार ऑनलाईन – मावल और शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्रों में पराजय की परंपरा को तोड़ने का दृढ़ निश्चय कर बैठी राष्ट्रवादी कांग्रेस की दोनों चुनाव क्षेत्रों में दोहरी भूमिका साफ तौर पर नजर आ रही है। मावल में भाजपा- शिवसेना के मनोमिलन की घोषणा महज चार घन्टे के भीतर राष्ट्रवादी ने काउंटर अटैक करते हुए मनोमिलन पर सवाल उठाया। मगर तकरीबन दस दिन पहले शिरूर में हुए भाजपा- शिवसेना के मनोमिलन पर अब तक चुप्पी साधे रखी। मावल में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र चुनाव लड़ रहे हैं इसलिए तो यह तत्परता नहीं दिखाई गई? यह सवाल सियासी गलियारों में उठाया जा रहा है।
बीते कई सालों से शिवसेना सांसद श्रीरंग बारने और भाजपा विधायक लक्ष्मण जगताप के बीच सियासी दुश्मनी चली आ रही है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जगताप की नाराजगी नुकसान पहुंचा सकती है। इसे ध्यान में रख दोनों के मनोमिलन को लेकर गत कई दिनों से लगातार कोशिशें जारी थी। आखिरकार बीती देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संकटमोचक व राज्य के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन द्वारा दूसरी बार की गई कोशिश रंग लाई। मनोमिलन की दूसरी बैठक पिंपरी कैम्प में भाजपा नेता अमर मूलचंदानी के दफ्तर में हुई जिसमें पिंपरी विधानसभा की सीट भाजपा के लिए छोड़ने जैसे अन्य मुद्दों पर शर्तिया सुलह होने की विश्वसनीय खबर है। इसके बाद एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में जगताप- बारने ने आपसी मनमुटाव समाप्त करने की घोषणा की।
इस पत्रकार वार्ता में सांसद बारने ने गत तीन-चार सालों से विधायक जगताप और भाजपा पर लगाये गए भ्रष्टाचार समेत सभी गंभीर आरोप वापस लेने की बात कही। यही मुद्दा पकड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस ने आज शाम एक अलग पत्रकार वार्ता में सवाल उठाया कि, क्या सांसद श्रीरंग बारने द्वारा भाजपा विधायक लक्ष्मण जगताप पर लगाये गए भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोपों का भी मनोमिलन हो गया? प्रधानमंत्री आवास योजना, कचरा संकलन का ठेका, वेस्ट टू एनर्जी, उडानपूल जैसी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक की गई। शिवसेना सांसद श्रीरंग बारने और शिवाजीराव आढलराव पाटिल इस तरह से अपने आरोप वापस नहीं ले सकते, उन्हें जनता को जवाब देना होगा।
राष्ट्रवादी की इस पत्रकार वार्ता में शहराध्यक्ष संजोग वाघेरे, कार्याध्यक्ष प्रशांत शितोले, वरिष्ठ नगरसेवक व स्थायी समिति के पूर्व सभापति डब्बू आसवानी, विपक्ष के नेता दत्ता साने समेत कई आला नेता उपस्थित थे। जब उनसे मावल के मनोमिलन पर चार घन्टे के भीतर पलटवार करने में दिखाई गई तत्परता और दस दिन पहले शिरूर में भाजपा विधायक महेश लांडगे और शिवसेना सांसद शिवाजीराव आढलराव पाटिल के मनोमिलन पर चुप्पी के बारे में पूछा गया तो गोलमोल जवाब देकर बचने की भूमिका अपनाई गई। क्या यह राष्ट्रवादी की मावल और शिरूर के प्रत्याशियों को लेकर दोहरी भूमिका नहीं है क्या? इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि, आढ़लराव पाटिल के आरोपों और मनोमिलन पर भोसरी विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है। आज हमने भी दोनों सांसदों पर सवाल उठाए हैं न कि किसी एक के।
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