राष्ट्रवादी की पहली लिस्ट में मावल, शिरूर को लेकर सस्पेंस कायम

पिंपरी। संवाददाता – लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी ने गुरुवार को अपने 12 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की। इसमें पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड के समावेश वाले मावल और शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्रों के प्रत्याशियों को लेकर सस्पेंस कायम रखा है। अब तक माना जाता रहा था कि मावल से पार्टी हाईकमान शरद पवार के पोते और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ को प्रत्याशी घोषित किया जायेगा। मगर कल खुद दोनों पवार ‘चाचा- भतीजे’ ने पार्थ की उम्मीदवारी पर सस्पेंस बरकरार रखा। इसी प्रकार से शिरूर से पूर्व विधायक विलास लांडे या शिवसेना से राष्ट्रवादी में आये डॉ अमोल कोल्हे? यह गुत्थी भी अब तक सुलझ नहीं सकी है।
कांग्रेस द्वारा महाराष्ट्र के पांच प्रत्याशियों के समावेश वाली पहली लिस्ट जारी किए जाने बाद राष्ट्रवादी के प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की। इसमें पुणे जिले में बारामती लोकसभा चुनाव क्षेत्र से मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले समेत 12 प्रत्याशियों का समावेश है। उनके साथ रायगड से सुनिल तटकरे, सातारा से उदयनराजे भोसले, कोल्हापुर से धनंजय महाडिक, बुलढाणा से राजेंद्र शिंगणे, जलगांव से गुलाबराव देवकर, परभणी से राजेश वीटेकर, मुंबई उत्तर पुर्व से संजय दिना पाटील, ठाणे से आनंद परांजपे, कल्याण से बाबाजी पाटील, लक्षद्वीप से मोहम्मद फैजल शामिल हैं। हातकणंगले की सीट स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी को दी गई है। दो दिन में बची हुई सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा की जायेगी, ऐसा जयंत पाटिल ने बताया।
राष्ट्रवादी के प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में मावल और शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्रों के प्रत्याशियों का समावेश नहीं रहने से अचरज जताया जा रहा है। खासकर मावल की सीट जहां से पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ की उम्मीदवारी निश्चित मानी जा रही है, को लेकर कायम रहा सस्पेंस सियासी गलियारों में चर्चा का विषय रहा है। पार्थ पवार की उम्मीदवारी को लेकर शुरू से ‘ना- ना’ करनेवाले शरद पवार ने तीन दिन पहले ही खुद के लोकसभा चुनाव के मैदान से बाहर होने की घोषणा के साथ मावल से पार्थ की उम्मीदवारी के संकेत दिए। मगर कल ही पिंपरी चिंचवड के कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग से संवाद साधने के दौरान उन्होंने फिर एक बार पार्थ की उम्मीदवारी को लेकर सस्पेंस बना दिया। उनके साथ ही खुद अजीत पवार ने भी पनवेल में पार्थ की उम्मीदवारी निश्चित नहीं रहने का बयान दिया। आज प्रत्याशियों की लिस्ट में भी पार्थ का नाम न रहने से यह सस्पेंस बढ़ गया है।
इसी प्रकार से शिरूर लोकसभा चुनाव क्षेत्र, जहां से हैट्रिक कर चुके शिवसेना सांसद शिवाजीराव आढलराव पाटिल ‘चौका’ मारने की तैयारी में हैं, के प्रत्याशी को लेकर रहा सस्पेंस कायम है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के यहां के मैदान से हटने के बाद पूर्व विधायक विलास लांडे को फिर एक बार तैयारी में जुटने के आदेश दिए गए। भले ही लांडे एक बार आढलराव से मात खा चुके हैं, मगर उन्होंने शीर्ष स्तर से आदेश मिलने के बाद अपने आप को प्रचार और चुनावी तैयारियों में झोंक दिया। आढलराव की नाकामी गिनाने वाले विज्ञापनों की होर्डिंगबाजी से लेकर शिरूर लोकसभा क्षेत्र के तालुका- तालुका और गांव- गांव के दौरे तक उन्होंने राष्ट्रवादी के लिए अनुकूल साबित हो ऐसा माहौल बनाकर रख दिया। मगर ऐन मौके पर मराठी अभिनेता डॉ अमोल कोल्हे के शिवसेना छोड़ राष्ट्रवादी में शामिल होते ही राष्ट्रवादी का प्रचार ठंडा पड़ गया है। यहां से कोल्हे, लांडे या कोई और? यह सस्पेंस बरकरार है।
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